संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। सिंधोरा थाना क्षेत्र के जाठी गांव निवासी हरिश्चन्द्र चौहान ने भूमि विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय की मांग की है। पीड़ित के अनुसार उनके परिवार और पड़ोसियों के बीच आबादी की भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है,जिसकी शिकायत पूर्व में स्थानीय थाने पर भी की गई थी। पीड़ित का कहना है कि पुलिस एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पंचायत के दौरान यह तय हुआ था कि जब तक आपसी सहमति से भूमि का बंटवारा नहीं हो जाता,तब तक विवादित जमीन पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। मामले में धारा 107/116 के तहत कार्रवाई भी चल रही है। आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराने लगा। इसका विरोध करने पर विपक्ष सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से हरिश्चन्द्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर जब उनकी पत्नी,पुत्र और पुत्री मौके पर पहुंचे तो उन पर भी लाठी,डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री के साथ छेड़खानी का प्रयास किया गया तथा उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। मारपीट में उनके पुत्र के सिर में गंभीर चोट आने तथा पत्नी सहित अन्य परिजनों के घायल होने की बात कही गई है। पीड़ित के अनुसार ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ,लेकिन जाते समय आरोपितों ने जान से मारने की धमकी भी दी। हरिश्चन्द्र चौहान ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना की सूचना देने के बावजूद कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्र सौरभ चौहान को बिना कारण थाने में बैठाया गया। पीड़ित का दावा है कि विपक्षी पक्ष के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को खतरा बताते हुए उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने,आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।