विवेक राय की खास रिपोर्ट
वाराणसी- अपर जिला एवं सत्र न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मुख्य माननीय न्यायाधीश देव कांत शुक्ला की अदालत ने 1 लाख की दो बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दे दिया।वाराणसी अपर जिला एवं सत्र न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की मुख्य अदालत ने धर्मेंद्र कुमार यादव अभिषेक कुमार यादव उर्फ ऋषि को एक ₹100000 के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दे दिया अभियुक्त की तरफ से अधिवक्ता नीरज यादव एडवोकेट ने पक्ष रखा।अभियोजन कथानक के अनुसार सेवा में श्रीमान प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस थाना वाराणसी महोदय सादर अवगत कराना है कि प्रार्थी राजकुमार पुत्र स्वर्गीय छेदीलाल निवासी मकान नंबर 19/44 दनियालपुर चमार बस्ती थाना सारनाथ वाराणसी का स्थाई निवासी है कुछ दिन पहले सैमसंग कंपनी के कर्मचारी मेरे घर पर आए और बताएं कि आपके द्वारा जो सैमसंग का मोबाइल खरीदा गया है किस्त क्यों नहीं भरा जा रहा है मैंने तब सैमसंग मोबाइल कंपनी के कर्मचारियों को बताया कि मैंने कोई मोबाइल नहीं लिया है तब मोबाइल कंपनी वालों से जानकारी प्राप्त हुई कि किसी अज्ञात द्वारा मेरे आधार कार्ड के माध्यम से छेड़छाड़ के धोखे से मेरे नाम के आधार कार्ड से किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर मोबाइल खरीद लिया गया है अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि उचित कार्रवाई करने की कृपा करें.. बचाव पक्ष की ओर से विद्वान अधिवक्ता ने पक्ष रखा की अभियुक्त गण प्रतियोगी छात्र है और परीक्षाओं की तैयारी करते हैं उन्होंने किसी भी प्रकार का कोई मोबाइल छेड़छाड़ करके नहीं लिया है इनको मुकदमा के निस्तारण के लिए साइबर क्राइम की पुलिस ने फर्जी ओम गलत ढंग से अभियुक्त बना दिया है न्यायालय संज्ञान में लेकर इस बात को पत्रावली को पढ़ा है और किसी भी प्रकार की इस तरह से इन लोगों की संलिप्तता नहीं पाई गई जिसकी वजह से न्यायालय के द्वारा एक ₹100000 के बंध पत्र पर रिहा करने का आदेश दे दिया गया।