संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
*रामेश्वर,वाराणसी।*'यज्ञो वै श्रेष्ठतममम्ं कर्म'के क्रम में आज अष्टम दिवस पंचांग पूजन वस्तु पूजन षोडश स्तंभ पूजन चतुषष्ठी पीठ पूजन क्षेत्रपाल पीठ पूजन के साथ प्रधान पीठ पूजन के पश्चात अष्टमी पूजन मे माता महागौरी का भव्य पूजन एवं सहस्रार्चन,, ""यज्ञाचार्य"प्रधानाचार्य"आचार्य पं अमित कुमार पाण्डेय जी काशी के वैदिक विद्वान पं दीपक मिश्र, पं वेद प्रकाश चौबे,पं विवेक पाठक,पं विमल पाण्डेय पं अमित तिवारी,पं वेदप्रकाश पाण्डेय जी के द्वारा किया गयाकाशी के वैदिक आचार्य पंअमित कुमार पाण्डेय)* ने बताया की" इनका वर्ण पूर्णतः गौर है। इस गौरता की उपमा शंख,चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। इनकी आयु आठ वर्ष की मानी गई है- 'अष्टवर्षा भवेद् गौरी।' इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि भी श्वेत हैं।महागौरी की चार भुजाएँ हैं। इनका वाहन वृषभ है। इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपरवाले बाएँ हाथ में डमरू और नीचे के बाएँ हाथ में वर-मुद्रा हैं। इनकी मुद्रा अत्यंत शांत है। यही महागौरी देवताओं की प्रार्थना पर हिमालय की श्रृंखला मे शाकंभरी के नाम से प्रकट हुई थी।*श्वेते वृषे समारुढा श्वेताम्बरधरा शुचिः | महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा ||*माँ महागौरी ने देवी पार्वती रूप में भगवान शिव को पति-रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी,एक बार भगवान भोलेनाथ ने पार्वती जी को देखकर कुछ कह देते हैं। जिससे देवी के मन का आहत होता है और पार्वती जी तपस्या में लीन हो जाती हैं। इस प्रकार वषों तक कठोर तपस्या करने पर जब पार्वती नहीं आती तो पार्वती को खोजते हुए भगवान शिव उनके पास पहुँचते हैं वहां पहुंचे तो वहां पार्वती को देखकर आश्चर्य चकित रह जाते हैं। पार्वती जी का रंग अत्यंत ओजपूर्ण होता है, उनकी छटा चांदनी के सामन श्वेत और कुन्द के फूल के समान धवल दिखाई पड़ती है,उनके वस्त्र और आभूषण से प्रसन्न होकर देवी उमा को गौर वर्ण का वरदान देते हैं।माता महागौरी के पूजन के पश्चात,प्रतिष्ठित मूर्तियों का पूजन के बाद भगवान भोलेनाथ का गन्ने के रस से अभिषेक किया गया तथा माँ दुर्गा का भव्य श्रृंगार एवं छप्पन भोग लगाया गया तथा गंगा आरती के स्वरूप में महा आरती का आयोजन किया गया जिसमें- आशुतोष कुमार सोनू कुमार दीपक कुमार अनिल पाल एवं मेघा प्रजापति ने भाग लियाइस कार्यक्रम के(मुख्य यजमान श्री गुलाब बाबा फकीर दास जी)तारा देवी,नंदिनी अमन वर्मा,श्री विजय कुमार,श्री वीरेंद्र कुमार श्री विकास सिंह प्रजापति विवेक कुमार गंगा कुमार एवं समस्त ग्रामवासी गण द्वारा सहयोग किया जा रहा है