संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
विवेक राय
*दानगंज-*भारत सरकार द्वारा संचालित नमामि गंगे योजना जनपद के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है बीते दो वर्षों में यह योजना चोलापुर ब्लाक के लगभग सभी गांव के किसानों तक अपनी पहचान बनाने में सफल रही है ।चोलापुर विकास खण्ड में कृषि विभाग व इश इग्रीटेक के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की जा रही नमामि गंगे योजना के तहत पिछले दो वर्षों में चोलापुर ब्लाक में 146 जैविक कृषक समितियों का गठन करके जैविक खेती कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इन दिनों विकास खण्ड में गठित सभी 146 जैविक क्लस्टरों में लगाया गया नमामि गंगे योजना का बोर्ड सभी किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और नमामि गंगे योजना की चर्चा हर किसान की जुबान पर है।क्षेत्र के
परानापट्टी,बबियांव ,दानगंज,मंगोलेपुर,लखनपुर,मुनारी,छित्तमपुर के साथ ही गंगा किनारे गांव गौरा उपरवार,चंद्रावती आदि गांवों में कृषि विभाग व इश एग्रीटेक की ओर से लगाये गये बोर्ड पर नमामि गंगे योजना के तहत गठित जैविक क्लस्टर का सम्पूर्ण विवरण दर्शाया गया है जो किसानों के बीच चर्चा का बिषय बना हुआ है।*किसानों में आयेगी जागरूकता-*चोलापुर के सहायक विकास अधिकारी कृषि कैलाश प्रसाद मौर्य व नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट हेड स्वामी शरण कुशवाहा ने बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चोलापुर मे किसान गोष्ठी,प्रशिक्षण,जैविक किसान मेला आदि का आयोजन किया गया, इसी क्रम में किसानों में जागरूकता लाने व जैविक खेती कार्यक्रम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ब्लाक के सभी 146 जैविक क्लस्टरों में आयरन बोर्ड लगाये गये हैं।पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा जैविक खेती कार्यक्रम -* जनपद के उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह का कहना था कि नमामि गंगे योजना जनपद के सभी आठ विकास खण्डों में पूरी पारदर्शिता के साथ चलायी जा रही है।योजना के तहत अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जा रही है।किसानों व कृषि विभाग के बीच पारदर्शिता को बनाये रखने व योजना के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से गांवों में नमामि गंगे योजना के बोर्ड लगाये जा रहे हैं। बोले संयुक्त कृषि निदेशक-*वाराणसी मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक डा.आशुतोष मिश्र का कहना है कि नमामि गंगे योजना वाराणसी जनपद के साथ ही गाजीपुर,चंदौली के किसानों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी आवश्यकता है जागरूकता के साथ नमामि गंगे योजना से किसानों के जुड़ने की।उन्होंने कहा कि बीमार हो रही धरती मां को बचाने व बिष मुक्त खाद्यान्न उत्पादन के लिए किसान जैविक खेती को अपनाएं।