विनोद यती की खास रिपोर्ट
25 अक्टूबर के सायं से दर्शन-पूजन व मंदिर में होने वाली सप्तर्षि आरती, श्रृंगार भोग आरती, शयन आरती नहीं होगी व श्रद्धालुओं का प्रवेश भी वर्जित रहेग 26 अक्टूबर को प्रातः सूर्योदय के पश्चात मोक्ष पूजा/मंगला आरती के साथ मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जायेगा वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद ने सम्यक विचारोपरान्त यह निर्णय लिया
कि 25 अक्टूबर कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या को लगने वाले सूर्यग्रहण (गृस्तास्त) है तथा सायं 4.42 मि० स्पर्श एवं सायं 6.32 मि0 पर मोक्ष होगा।चूँकि यह ग्रहण गृस्तास्त है के दृष्टिगत 25 अक्टूबर को अपराह्न 3.30 से 26 अक्टूबर को सूर्योदय तक बाबा विश्वनाथ जी मंदिर के साथ अन्य समस्त विग्रह आम दर्शनार्थियों के लिए पूर्ण रूपेण बन्द कर दिया जायेगा।
उक्त जानकारी देते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में 25 अक्टूबर के सायं से दर्शन-पूजन व मंदिर में होने वाली सप्तर्षि आरती, श्रृंगार भोग आरती, शयन आरती नहीं होगी तथा तत्समय श्रद्धालुओं का प्रवेश भी वर्जित रहेगा। 26 अक्टूबर को प्रातः सूर्योदय के पश्चात मोक्ष पूजा/मंगला आरती के साथ मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जायेगा।