अतुल राय की खास रिपोर्ट
*रामेश्वर,वाराणसी*। भक्त -भगवान से दुनिया की वस्तुए नही चाहते भक्त तो केवल भगवान की भक्ति चाहते है ।हम रोज भगवान के दरवाजे पर मागने जाते है,भगवान कहते है मागने नही मिलने आया करो
और ये सच है जिस दिन हम भगवान से मांगने नही भगवान से मिलने जायेंगे भगवान की कृपा अवश्य मिलेगी । उक्त बातें पंचकोशी मार्ग पर स्थित रामेश्वर में रविवार को आयोजित एक दिवसीय शिव कथा महापुराण में कथा वाचक मार्कंडेय त्रिपाठी ने भक्तों के बीच कहीं।उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के जीवन में विवेक नही होता ।जब जीवन में भागवत कथा का आगमन होता है तो मनुष्य के समस्त पाप समाप्त हो जाते हैं ।जैसे सूर्य के उदित होते ही सारे अन्धकार अपने आप नष्ट हो जाते है। वैसे ही जीवन में कथा का जब आगमन होता है विवेक प्रकट होता है और विवेक के प्रकट होते ही ब्यक्ति से सारे अज्ञान रूपी अन्धकार नष्ट हो जाते हैं। इस मौके पर संयोजक राजबली त्रिपाठी,आयोजन राकेश त्रिपाठी,पूर्व प्रधान राम गोपाल चौरसिया,जगापट्टी ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह यादव,अंतु पाल,विजय गुप्ता,राजेश सोनकर,दिलीप सिंह,सोनू यादव सहित तमाम सम्मानित जन मौजूद थे।सैकडों भक्तों ने भगवान का दर्शन व जयघोष कर प्रसाद ग्रहण किया।