संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
हरहुआ। बालिकाएँ व महिलाएं अपनी आत्मरक्षा किट स्वयं बनाएं। बाहर जाते समय सावधानियों के साथ-साथ बालिकाओं व महिलाओं को अपने बैग में अथवा अपने पास कुछ ऐसी वस्तुओं को जरूर रखना चाहिए जिसका वह जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा के लिए प्रयोग कर सकें, इसके लिए वह स्वयं अपनी आत्मरक्षा किट बना सकती हैं।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में समग्र शिक्षा परियोजना,बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश अंतर्गत जनपद चन्दौली के विकास खण्ड बरहनी,चन्दौली सदर,चहनियां से नामांकित प्राथमिक,उच्च प्राथमिक,कम्पोजिट व केजीबीवी विद्यालयों में तैनात शारिरिक व्यायाम शिक्षकों,अनुदेशकों के छः दिवसीय "वीरांगना रानीलक्ष्मीबाई आत्मरक्षा" विषयक प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कही।प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित प्रशिक्षक आज़ाद हुसैन द्वारा प्रातः प्रतिभागियों वार्मअप एक्सरसाइज,योग,प्राणायाम कराया गया। प्रशिक्षण चर्चा विषय के अंतर्गत सेफ़्टी टूल्स व उसके प्रयोग के बारे जानकारी दी गयी और इसका व्यवहारिक प्रेक्टिकल भी कराया गया। इसी क्रम में सहायक प्रशिक्षक सुमित कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रतिभागियों से ग्रुप चर्चा कर स्कूलों में बालिकाओं के लिए भावी प्रशिक्षण कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार कराई गई:ततपश्चात प्रतिभागियों से छः दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का फीडबैक लिया गया और इसके बाद प्रतिभागियों की ऑनलाइन परीक्षा कराई गई।प्रशिक्षण में अमरनाथ द्विवेदी,सुरेश तिवारी,सुरेश पाण्डेय,नीरज कुमार,अजीत कुमार,विवेकानंद दुबे,प्रियंका,मनोज कुमार,वैभव प्रताप सिंह,आराधना, मंशा देवी,पुष्पा राय,रक्षा सिंह विकास तिवारी,पुनीता आदि सहित 46 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों को ग्रुप फोटोग्राफ व रिलीविंग आर्डर देकर जिला प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा प्रशिक्षण सत्र का समापन किया गया।