UDYAM-UP-75-0003230
purvanchalexpressn@gmail.com
Purvanchal Express News

बिना निमंत्रण के अतिथि बनना कष्टकारी-बालक दास जी महाराज

Updated on: 20 July, 2026

अतुल राय की खास रिपोर्ट

चोलापुर-चोलापुर क्षेत्र के गोला गाव स्थित हनुमान जी मन्दिर में चल रहे श्री रामकथा के दूसरे दिन कथा वाचक बालक दास जी महाराज ने अपने भक्तो को बताया की बिना बुलावे अतिथि हो किसी के घर जाना कष्टकारी व विनाशकारी भी हो सकता है।जिस प्रकार शिव जी के लाख मना करने पर भी माता सती अपने पिता दक्ष के  घर पूजा में सम्मलित होने की जिद करती रही जिसका परिणाम कितना कष्टकारी हुआ यह किसी से छिपा नहीहै।प्रभु भोलेनाथ जी के कोप का भाजन समाज को बनना पड़ा   यहाँ तक कि देवी, देवता भी अछूते नही रहे।आपको  जानकारी हो कि जब पिता दक्ष के घर पहुचने पर पिता के भय के कारण वहाँ पर उपस्थित देवी, देवता,सभासद, सखी सहेली,बहन  आदि वहाँ उपस्थित किसी ने भी सम्मान नही किया। यह प्रकरण देख सती की माँ बहुत दुखी हुई।वहाँ माता सती का बहुत अपमान हुआ।फिर भी माता सती ने सब कुछ सह लिया लेकिन पति का अपमान होते हुये नही सह पायी।वहाँ उपस्थित सभी सभासदों से पूछा  कि आप लोगो के सामने मेरे पति का अपमान क्यो हो रहा है।अत्यधिक दुखी माता सती अपने योग शक्ति से अग्नि प्रकट कर अपने शरीर को उसमें अर्पित कर दिया।इसकी जानकारी शिव जी को जब हुई तो जग में कोहराम मच गया।चारो तरफ त्राहि त्राहि माम् की आवाज आने लगी।माता सती का जला शरीर देख प्रभु शिव अत्यधिक क्रोधित हुये ततो उपरांत शिव जी माता की काया शरीर पर लिया देख प्रभु विष्णु जी माता सती के शरीर को 51 खण्डों में किया। यह आज 51 शक्ति पीठ बन गया।जो आज इस कलियुग में  सभी मानव जाति के उध्दार का कारण बन  रहा है। आज कथा में उपस्थित जनों में शिवशंकर सिंह (बच्चा सिंह), विजय कुमार सिंह, विनोद सिंह, सुरेंद्र सिंह,जवाहर शर्मा,जितेंद्र सिंह,त्रिभुवन चौबे,लालजी पाठक,राजेश सरोज,सियाराम यादव आदि लोगो के अलावा सैकड़ो भक्त जन लोग उपस्थित रहे।

© 2022 Copyrights Reserved Purvanchal Express News