अतुल राय की खास रिपोर्ट
*पाँच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का हुआ समापन*।
हरहुआ। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिला ग्राम विकास संस्थान,परमानंदपुर में चल रहे पाँच दिवसीय ग्राम संगठन पुस्तक संचालकों एवं फार्म आजीविका सखी प्रशिक्षुओं का आवासीय प्रशिक्षण आज शनिवार को समाप्त हुआ। जिला मिशन प्रबन्धक श्रवण कुमार सिंह ने विकास खण्ड काशीविद्यापीठ से ग्राम संगठन पुस्तक संचालक प्रशिक्षण हेतु चयनित 30 प्रतिभागियों तथा जनपद वाराणसी के समस्त ब्लाकों से चयनित 29 फार्म आजीविका सखी को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए कहा कि एनआरएलएम अंतर्गत ग्राम संगठन की रीढ़ हैं पुस्तक संचालक।आजीविका-एनआरएलएम इस बात में विश्वास रखता है कि गरीबों की सहज क्षमताओं का सदुपयोग हो और देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में कृषि व पशुपालन का विशेष योगदान हो।प्रशिक्षण अवधि में प्रशिक्षक टीम द्वारा कृषि आजीविका का महत्व,फार्म उत्पाद तैयार करने की विधि,पोषण वाटिका के प्रकार,बनाने का तरीका,पशु स्वास्थ्य टीकाकरण,पशु पोषण के बारे में जानकारी दी गयी। ग्राम संगठन पुस्तक संचालकों को कार्यवाही रजिस्टर,ऋण व ब्याज निकालने का तरीका सिखाया गया। फार्म आजीविका प्रशिक्षणार्थियों को पिण्डरा विकासखंड के घोघरी गांव में अध्ययन भ्रमण कराकर पोषण वाटिका बनाने का तरीका सिखाया गया।प्रशिक्षण समापन अवसर पर प्रमाण-पत्र, ग्रुप फोटोग्राफ,बैग प्रतिभागियों को वितरित कर सत्र का समापन किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। समापन अवसर पर सत्र प्रभारी सुरेश तिवारी,प्रशिक्षक पूजा तिवारी,गायत्री देवी,लीलावती मौर्या,मृगांशु पाठक,अमरनाथ द्विवेदी,सुरेश पाण्डेय व सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे।