सौरभ सिंह की खास रिपोर्ट
यूपी के मुखिया के आदेश की धज्जियां उड़ा रही स्वास्थ्य विभाग वाराणसी जिला स्वास्थ्य विभाग के सह पर फल फूल रहा है कारोबार
वाराणसी राजातालाब :
झोलाछाप डॉक्टरों व फर्जी अस्पतालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के मूहिम में अभी भी कई अस्पताल फल फूल रहे हैं या फिर यह भी कह सकते हैं कि सरकार के नियमों का उल्लंघन कर ठेंगा दिखा रहे हैं प्राइवेट अस्पताल इसी क्रम में मोहनसराय में स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल जच्चा बच्चा केंद्र के संचालक शिव प्रकाश गुप्ता (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) द्वारा 1000 से 5000 रुपए लेकर एक लेटर पैड पर निजी चिकित्सालययो का रजिस्ट्रेशन करके उन्हें अस्पताल चलाने की अनुमति दे देते हैं और छोटी-छोटी अस्पताल संचालक जो कि बिना नाम बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल चलाते हैं और बहुत अच्छे से चलाते हैं जैसे मानो सरकारी अस्पतालों को ठेंगा दिखाते प्राइवेट अस्पताल जबकि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं तो बहुत हैं लेकिन जनता जाने को तैयार नहीं है वही प्राइवेट अस्पताल जहां पर दीवाल में कील ठोक कर वाटर बोतल टांग कर पानी चढ़ाया जा रहा है वहां लोग जाने को तैयार हैं और आम जनता भी कह रही है कि डॉक्टर बहुत अच्छे हैं कम खर्च में बहुत अच्छा इलाज कर देते हैं अब इसमें शासन की कमी कहिए या फिर प्रशासन की लेकिन कोई भी निजी संचालक अपने आपको सीएमओ बता कर इस प्रकार से रजिस्ट्रेशन करके अस्पताल चलाने की अनुमति दे तो यह एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आ रही है और वही जब सरकार की इस मुहिम में कुछ पत्रकार स्टिंग ऑपरेशन करके जब सरकार की मदद कर रहे हैं तो उन पर पैसा मांगने का आरोप भी लगाया जा रहा है यह मामला है रोहनिया स्थानीय थाना क्षेत्र के दफरपुर चौराहे से 100 मीटर दूर राजेश पटेल के क्लीनिक की जहां पर दो कमरे बनाए गए हैं एक में डॉक्टर बैठ रहे हैं तो दूसरे में मरीजों को भर्ती किया गया है जहां पर दीवार में कील के सहारे बोतल को टांग कर पानी चढ़ाया जा रहा है उपचार किया जा रहा है क्या सरकार द्वारा गठित की गई टीम इस पर कार्य कर रही है यह सवाल के घेरे में आता है कि कैसे छूट जाते हैं ऐसे ऐसे निजी अस्पताल संचालक जिसके पास ना तो खुद की डिग्री होती है और ना ही अस्पताल चलाने का रजिस्ट्रेशन फल फूल रहा है व्यापार चल रहा है रोजगार ।