संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
अतुल राय
रामेश्वर,वाराणसी।नवम दिवस में पंचांग पूजन वास्तु पूजन षोडश स्तंभ पूजन के साथ प्रधान पीठ पूजन के पश्चात नवमी पूजन मे माता सिद्धिदात्री का भव्य पूजन ""यज्ञाचार्य"प्रधानाचार्य"आचार्य पं अमित कुमार पाण्डेय जी काशी के वैदिक विद्वान पं दीपक मिश्र,पं वेद प्रकाश चौबे,पं विवेक पाठक,पं विमल पाण्डेय,पं अमित तिवारी,पं वेदप्रकाश पाण्डेय के द्वारा किया गया। यज्ञ करने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
काशी के विद्वान आचार्य (पं.अमित कुमार पांडेय जी)* बताते हैं की-- मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा,महिमा,गरिमा,लघिमा,प्राप्ति,प्राकाम्य,ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियाँ होती हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है।माँ सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को ये सभी सिद्धियाँ प्रदान करने में समर्थ हैं। देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण वे लोक में 'अर्द्धनारीश्वर' नाम से प्रसिद्ध हुए।माँ सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमलपुष्प है।प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह माँ सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न करे। उनकी आराधना की ओर अग्रसर हो। इनकी कृपा से अनंत दुख रूप संसार से निर्लिप्त रहकर सारे सुखों का भोग करता हुआ वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।यज्ञ करने वाला मनुष्य परम धाम में प्रतिष्ठित होता है यह ध्रुव सत्य है अतः परम धाम मे जाने वाले यज्ञकर्ता का इष्टापूर्ती के द्वारा स्वागत करना चाहिए।माता सिद्धिदात्री के पूजन के पश्चात,प्रतिष्ठित मूर्तियों का पूजन के बाद भगवान भोलेनाथ का दूध से अभिषेक तथा भव्य कन्या पूजन के बाद ग्राम नंदी का प्राण प्रतिष्ठा किया गया।माता जी का सहस्र नाम से हवन एवं आवाहित देवताओं की आहुति के बाद पूर्णाहुती का कार्य सम्पन्न हुआ तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया ।सायंकाल में माँ दुर्गा का भव्य श्रृंगार तथा गंगा आरती के स्वरूप में महा आरती का आयोजन किया गया साथ ही रात्रि जागरण का कार्य सम्पन्न हुआ।जिसमें- आशुतोष कुमार सोनू कुमार दीपक कुमार अनिल पाल एवं मेघा प्रजापति ने भाग लियाइस कार्यक्रम के मुख्य यजीमान श्री गुलाब बाबा फकीर दास जी,तारा देवी,नंदिनी अमन वर्मा,श्री विजय कुमार,श्री वीरेंद्र कुमार श्री विकास सिंह प्रजापति विवेक कुमार गंगा कुमार एवं समस्त ग्रामवासी गण द्वारा सहयोग किया गया।आयोजन स्थल- ग्राम खेवशीपुर,कोरउत बाजार लोहता,वाराणसी में सम्पन्न हुआ। हजारों ने प्रसाद ग्रहण किया।