अतुल राय की खास रिपोर्ट
सनातन धर्म की रक्षा व शांति के लिए चल पड़े। देवदीपावली पर विश्वनाथ धाम में जलाएंगे दीपक
वाराणसी।तीनो लोको से न्यारी काशी सदियों से सनातन धर्म की रक्षा करते हुए विश्व को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता चला आ रहा है। शिव की नगरी में मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने नंगे पांव प्रदक्षिणा करके पांच दिवस प्रवास किया वह आज तीर्थ स्थल के रूप में देवी-देवताओं की तर्पण -अर्पण की साधना स्थली बन गई है। इस मर्म को गहराई तक समझने व सनातन धर्म की रक्षा व शांति को लेकर काशी के सुसुवाही निवासी बटुक अतुल तिवारी 10 दिनों की यात्रा पर निकलकर आज 5वे दिन रामेष्वर तीर्थ पड़ाव पहुंचकर मत्था टेका।बटुक अतुल तिवारी के अनुसार हर पड़ाव के बीच एक दिन किसी मन्दिर पर विश्राम करते हैं। विधिवत पूजन अर्चन के साथ सुबह शाम की आरती में शामिल होकर कथा,साधु,पुजारी,महंत व संतों के बीच इस यात्रा की जानकारी करते हैं। यात्रा देव दीपावली पर समाप्त होगी वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में दीप जलाकर दीपदान करेंगे। पंचकोशी यात्रा के गूढ़ रहस्य को उजागर कर अधिकाधिक लोगो को जोड़कर सनातन धर्म को बचाने के कार्य लक्ष्य को पूरा करेंगे।