संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी। रामनगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगभग चार सौ मकानों को बिना मुआवजा दिये तोड़े जाने के खिलाफ क्षेत्रीय व्यापारियों और पीड़ितों द्वारा चलाए जा रहे "मुआवजे की मांग मुहिम" का हिस्सा पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर भी बने। बरसात की रिमझिम फुहारों के बीच रामनगर के शास्त्री चौक पहुंचे पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर का धनंजय साहनी, पवन सौढी, गोविन्द यादव, एडवोकेट शक्ति सिंह और दीपक मौर्या ने माल्यार्पण कर स्वागत और अभिनंदन किया। फिर पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर भारत रत्न पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास स्थान पहुंचकर उन्हे श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात पद्म विभूषित प्रख्यात समाज सेविका डा. निर्मला देश पाण्डेय के मरणोपरांत बलिया से रामनगर वाराणसी तक नशा उन्मूलन पदयात्रा कर पूर्वांचल को "नशा नाश की निशानी और अपराध की जननी है।" का संदेश देने वाले वरिष्ठ समाजसेवी कृपा शंकर यादव के साथ पीड़ितों से मिलने पहुंचे। पीड़ितों की बातों को सुन ढांढस बंधाते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रमुख अंग नगर पालिका परिषद रामनगर "जिसे वर्तमान समय में समाप्त कर दिया गया है" द्वारा पूर्व समय में इन पीड़ितों के मकानों का असिसमेंट सहित मकान नम्बर उपलब्ध कराए जाने के साथ साथ जल कर, बिजली बिल सहित अन्य प्रकार का कर लिया जाता रहा है। यहां तक कि उत्तर प्रदेश खाद्य रसद विभाग द्वारा इन पीड़ितों को राशन कार्ड सहित कुछ पीड़ितों को प्रधानमन्त्री आवास योजना का भी लाभ इन्हीं भू भागों पर प्राप्त हुआ है। समय समय पर हर तरह का कर देने के साथ साथ उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार से मिलने वाली मूलभूत योजनाओं से सुविधाओं का लाभ यहां के लोग उठाते रहे हैं। सैंकड़ों वर्षो से जीवन यापन कर रहे इन पीड़ितों के पास महज खसरा खतौनी न होना ही इन्हे मुआवजा न मिलने का आधार नही हो सकता है। सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन मुआवजा न देकर मानवता का हनन करने के साथ साथ अपना तानाशाही फरमान यहां के बेघर हो रहे पीड़ितों पर थोप रही है। इस तरह के फरमानों के खिलाफ पीड़ितों को जिला न्यायालय की शरण में जाना चाहिए। पीड़ितों से मुलाकात के पश्चात अमिताभ ठाकुर एडवोकेट शक्ति सिंह के घर भी पहुंचे।