विकास की खास रिपोर्ट
वाराणसी- लोक चेतना समिति चिरईगांव के तत्वधान में एक दिवसीय संविधानिक समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर प्रशिक्षण का कार्यक्रम बंदना दीदी के तत्वाधान में आयोजित किया गया। बंदना दीदी के द्वारा अपना परिचय देते हुए संस्था के उद्देश्यों को बताने के साथ ही आए हुए वक्ताओं का परिचय करवाया गया। वक्ताओं के क्रम में जिला संयोजक लोक चेतना समिति चिरईगांव सुजीत कुमार जी, ब्लॉक संयोजक चिरईगांव रणजीत कुमार, तथा वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र जी का युवा साथियों से परिचय करवाया गया ।इसके पश्चात सर्वप्रथम वक्ता की कड़ी में सुजीत द्वारा बच्चों को संवैधानिक हक और अधिकार के बारे में बताते हुए जागरूक किया गया. कि किस प्रकार आज वर्तमान परिपेक्ष और समाज को देखते हुए युवाओं को समाज में निकल कर नेतृत्व अपने हाथ में लेने की जरूरत है, और युवाओं को अपनी दिशा और दशा दोनों ही तय करनी पड़ेगी, नहीं तो आने वाला भविष्य कितना अंधमय होता जा रहा है। यह सोचने की बात होगी ,कि उनके द्वारा बीच-बीच में उदाहरणों के माध्यम से बच्चों में समझ बनाने की बेहतर कोशिश की जा रही थी। वक्ताओं की अगली कड़ी में कार्यक्रम को गति देते हुए सुरेंद्र जी द्वारा बताया गया पंचायती राज व्यवस्था में पंचायतों को लेकर क्या-क्या व्यवस्था चल रही है, और किस प्रकार काठ का उल्लू सरकार प्रधानों को बनाकर उनका शोषण कर रही है ।गांधीजी के सपने और अंबेडकर के सपनों जैसा भारत बनाने का जो सपना महापुरुषों ने देखा था, उसको कुचलते हुए सरकार आगे बढ़ रही है ।सरकार चुनने के बाद संविधान को अपने-अपने हिसाब से यूज करती हैं. कार्यक्रम को गति देते हुए ब्लॉक संयोजक रणजीत कुमार के द्वारा युवाओं के अंदर अनुशासन को लेकर बात रखी गई ,क्योंकि जब तक उनके बीच में अनुशासन नहीं होगा यह सारी बातें बताना कहना सुनना सब व्यर्थ होगा ,क्योंकि एक अनुशासित व्यक्ति अथवा युवा ही समाज को एक नई दिशा अथवा गति दे सकता है, अन्यथा हमारे आने और बताने का प्रयास निरर्थक साबित होगा।इसलिए युवाओं को अपनी सोचो में परिवर्तन लाना होगा ,और तमाम महापुरुषों की विचारधाराओं को आत्मसात कर अपने आपको समाज के विकास में आगे लाना होगा।जिससे तीसरी सरकार ग्राम सरकार का सपना साकार होने की तरफ बढ़ा जा सकता है। आगे की कड़ी में वन्दना दीदी के द्वारा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।कार्यक्रम में बरीयासनपुर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शिक्षकों का काफी सराहनीय योगदान रहा।जिसके लिए संस्था की ओर से पर्सनल मिलकर तीनों वक्ताओं के द्वारा उनको धन्यवाद दिया गया।