विवेक राय की खास रिपोर्ट
*वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के नेत्र बैंक में कॉर्निया रिकवरी स्पेशलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं कवि प्रतीक सिंह परमार*बिहार के कैमूर जिले के मचखियाँ गाँव में राष्ट्रीय कवि श्री शेष नाथ सिंह "शरद" जी की अध्यक्षता में दिनांक- 04-03-2023 को आयोजित कवि सम्मेलन के कार्यक्रम में चंदौली जिले के युवा कवि प्रतीक सिंह परमार ने अपनी पंक्तियों से लोगों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हुए खूब तालियाँ बटोरीं, इस स्तरीय कवि सम्मेलन सह मुशायरा में देश भर के अलग-अलग जगहों से कुल 18 कवि और शायर बुलाये गए थे जिसमें सबसे छोटी उम्र के कवि प्रतीक सिंह परमार थे जो की वर्तमान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में नेत्र बैंक में कॉर्निया रिकवरी स्पेशलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं।कवि प्रतीक सिंह परमार से लिए गए एक साक्षात्कार में उनसे पूछा गया कि आपका अनुभव कैसा रहा तो उन्होंने बताया कि यह कवि सम्मेलन देश के महान कवियों और शायरों की उपस्थिति में हो रहा था और उन सभी दिग्गजों से मैंने बहुत कुछ सीखा है, मैं सर्वप्रथम ग्राम-मचखियाँ निवासी बड़े भाई श्री अरविंद सिंह जी का तहे दिल से अभिवादन करता हूँ और उनको आभार व्यक्त करता हूँ जो उन्होंने मुझे कवि सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया और मैं खुद को सौभाग्यशाली भी मानता हूँ जो मुझे देश में हिंदी के श्रेष्ठ कवियों में से एक श्री शेष नाथ सिंह "शरद" जी की अध्यक्षता में महानतम कवियों को सुनने और उनके सामने अपनी मामूली सी पंक्तियों को सुनाने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ, वार्ता में आगे प्रतीक सिंह परमार जी ने कहा कि ये दिन और ये पल मैं अपने मन मस्तिष्क में जीवन पर्यंत रखना चाहता हूँ और सभी श्रोताओं को तहे दिल से धन्यवाद देता हूँ क्योंकि उन्होंने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया और एक वक्ता तभी बड़ा बनता है जब श्रोता बड़ा हो, इतनी जिंदादिली से इतने देर तक कवि सम्मेलन को सुनने के लिए सभी सम्मानित जनता का बहुत बहुत आभार ब्यक्त किया।