संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़
वाराणसी-चौबेपुर क्षेत्र के सोनबरसा गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी । छठे दिन की कथा के दौरान व्यास पीठ पर विराजमान परम पूज्य अयोध्या से पधारे कथावाचक श्री श्री 108 बाबा संत दास जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं गोवर्धन पूजा, महारास और श्री कृष्ण- रुक्मणी विवाह के पावन प्रसंग का अत्यंत मनोहर वर्णन किया ।
कथा व्यास ने ब्रजमंडल की अलौकिक कथा सुनाते हुए कहा कि जब इंद्र के अहंकार को चूर करने के लिए कन्हैया ने बृजवासियों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की प्रेरणा दी तो देवराज इंद्र ने क्रोधित होकर गोकुल पर भारी वर्षा शुरू कर दी बृजवासियों की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली छोटी उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा के लिए सुरक्षा प्रदान की, जिससे इंद्र का घमंड चकनाचूर हो गया इस प्रसंग के दौरान कथा पंडाल में 56 भोग और गोवर्धन पूजा की झांकी सजाई गई ।
महारास लीला का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए कथा वाचक ने कहा की रासलीला कोई सांसारिक नृत्य नहीं बल्कि जीवात्मा का परमात्मा से मा मिलन है। जब-जब मनुष्य के भीतर अहंकार आता है, ईश्वर उसे दूर हो जाते हैं गोपियों ने जब अपने प्रेम पर गर्व किया तो प्रभु अंतर ध्यान हो गए बिरहा में गए गए गोपी गीत के माध्यम से जीव जब तन्मय होकर भगवान को पुकारता है तभी ईश्वर की प्राप्ति होती है ।
छठे दिन की कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्री कृष्णा और माता रुक्मणी का विवाह प्रसंग रहा । रुक्मणी हरण और द्वारिका डिश के साथ उनके पवन गठबंधन की कथा सुनते ही पूरा पंडाल जय श्री कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा ।
आज की कथा दोपहर 12 बजे से 3बजे तक चलेगी उसके उपरांत भव्य भंडारा होगा।
इस अवसर पर यजमान परिवार श्री मुन्नू चौबे, सकलडीहा विधानसभा पूर्व भाजपा प्रत्याशी सूर्यमुनि तिवारी, मैक्सवेल हॉस्पिटल के प्रबंधक केएन पांडेय, प्रसिद्ध कथावाचक, राममिलन पाठक, मारकंडेय महादेव के पुजारी गौरव गिरी, भाजपा नेता राम प्रकाश दुबे, उमेश दत्त पाठक, जितेंद्र सिंह जीतू शाहिद आदि श्रोतागण उपस्थित रहे ।