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राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा से अखिल भारतीय मनीषी परिषद वाराणसी के जिलाध्यक्ष कपिलनारायन पांडेय व अन्यजनो ने मिलकर दी बधाई

Updated on: 27 October, 2026
राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा से अखिल भारतीय मनीषी परिषद वाराणसी के जिलाध्यक्ष कपिलनारायन पांडेय व अन्यजनो ने मिलकर दी बधाई

संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़

 

वाराणसी। अखिल भारतीय मनीषी परिषद वाराणसी के जिलाध्यक्ष कपिलनारायन पांडेय अपने सहयोगियों के साथ योगी सरकार में नव चयनित राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा से मिलकर बुके भेंट कर बधाई दी। ज्ञातव्य हो कि हंसराज विश्वकर्मा जी भाजपा के जिलाध्यक्ष 10 वर्षों तक रहे इस बीच एमएलसी बनाये गए। पार्टी के प्रति समर्पित और विश्वकर्मा जाति,पिछड़ी जाति के कर्मठ नेता बनकर अपनी पहचान अपने कार्य के द्वारा पीएम मोदी व सीएम योगी के खास बन गए। वाराणसी जनपद के हर कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे। कंचनपुर से रामेश्वर तीर्थ धाम,हरहुआ ब्लाक में मजबूत पैठ व ठिकाना बनाया। पत्रकारों के बीच मजबूत पकड़ रखी और अखबारों में बराबर जगह लेते रहे । प्रधानों,बीडीसी सदस्यों,जिला पंचायत सदस्यों सहित गांव-गांव व घर-घर में सम्बन्ध बनाकर सबके सुख दुःख,मांगलिक कार्यो,समाजसेवा को हथियार बनाया। रामेश्वर तीर्थ धाम से और प्रबुध्दजनो,पत्रकारों को अपना घर बनाया। वरिष्ठ पत्रकार के0 एल0 पथिक को सदैव बड़प्पन देकर अपना बना लिया।एक मोबाईल काल पर हर गरीब,असहाय,निराश्रित का सहारा बनकर समस्या का समाधान करने में महारत हासिल की। कपिलनारायन पांडेय इनके पिता स्व0 लक्ष्मीकांत पांडेय 'चिक्कन'पहलवान एशियाड चैम्पियन को कुश्ती जगत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने,परिवार में पुलिस सहित प्रशासनिक सेवाओं होने से बराबर का स्नेह बना रहा। आज मिलकर सभी लोगों ने सर्किट हाउस से कोइरीपुर,रसुलपुर पंच शिवाला में जोरदार स्वागत व बधाई दी।राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि मै राज्यमंत्री जरूर बना लेकिन हमारा पारिवारिक,सामाजिक सम्बन्ध बना रहे इस बात पर विशेष ध्यान रहेगा। ताकि किसी की नाराजगी मेरे प्रति न रहे। मन्दिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। श्री विश्वकर्मा जी ने यह भी कहा कि हमारे लिए गरीबों की सेवा और राष्ट्रीय चिंतन के साथ देशभक्ति सर्वोपरि है। मेरे पारिवारिक पृष्ठभूमि में सेवा प्रथम संस्कार रहा है और आज भी है। मेरे सेवा से हर जाति,धर्म,सम्प्रदाय के हर वर्ग की सेवा बिना किसी भेद की होगी। मैं देश ,समाज और गरीबों की सेवा बेहतर ढंग से आप सभी लोगो के सहयोग से कर सकूं तो मैं अपने को धन्य समझूंगा। मेरे घर का दरवाजा सेवा के नाम पर सदैव खुला रहेगा।

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