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ब्रिटिश कानूनों को अलविदा। नए भारतीय अपराधिक कानूनों से न्याय प्रणाली में आई क्रांति

04 July, 2026  |  05:32 AM
ब्रिटिश कानूनों को अलविदा। नए भारतीय अपराधिक कानूनों से न्याय प्रणाली में आई क्रांति

पुर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ संवाददाता आशुतोष मिश्रा 

जौनपुर/तकनीकी और पारदर्शिता से सशक्त हुआ कानून 1 जुलाई से लागू हुई नई न्याय व्यवस्था उपशीर्षक ब्रिटिश कालीन कानूनों की जगह देश में लागू हुई तीन नई भारतीय संहिताएं न्याय प्रकिया में डिजिटल क्रांति की शुरुआत जौनपुर बरसठी  थाना अध्यक्ष देवानंद रजक के नेतृत्व में  देश में अपराध और न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी त्वरित और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से 1 जुलाई को 2024 से तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए है इन कानूनों ने ब्रिटिश कालीन तीन प्रमुख कानूनों भारतीय दंड अब देश भर में भारतीय न्याय संहिता B.N.S / 2023 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता B.N.S.S. भारतीय साक्ष्य अधिनियम B.S.A.2023 लागू है इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य त्वरित न्याय नागरिक हितों की सुरक्षा और तकनीकी पारदर्शिता को बढ़ावा देना त्वरित न्याय के लिए नई व्यवस्था चार्जशीट तय समय सीमा के भीतर दाखिल करना अनिवार्य रूप कर दिया गया है नागरिक किसी भी थाने में zeero FIR दर्ज करा सकते है वहीं ई एफआईआर ई सम्मन और डिजिटल रिकॉर्ड जैसी आधुनिक सुविधाओं से शिकायत और जांच प्रकिया को आसान बनाया गया है तकनीक आधारित पुलिसिंग नए कानूनों के तहत सीसीटीवी फुटेज मोबाइल डेटा और ईमेल जैसे इलेक्ट्रानिक साक्ष्य अब कानूनी रूप में मान्य होंगे सभी जांच और सुनवाई प्रक्रियाएं  डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर होगी जिसमें फर्जीवाड़े की संभावना न्यूनतम होगी 
नागरिक के हितों में सशक्त बदलाव।अब पीड़ित व्यक्ति को जांच की प्रगति की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार मिलेगा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त प्रावधान किए गए है साथ ही भीड़ हिंसा मॉब लांचिंग और संगठित अपराध ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के लिए स्पष्ट और कठोर सजा का प्रावधान किया गया है गंभीर अपराधों पर कठोर सजा छोटे अपराधों सुधारात्मक दृष्टिकोण आतंकवाद बलात्कार और मॉब लांचिंग जैसे गंभीर अपराधों के लिए सख्त दंड का प्रावधान है जबकि छोटे अपराधों के लिए सामुदायिक सेवा कम्युनिटी सर्विस जैसी व्यवस्था लाई गई है ताकि अपराधी समाज में सुधारात्मक भूमिका निभा सके 
पारदर्शिता और जवाबदेही पुलिस को अब किसी भी गिरफ्तारी का कारण लिखित रूप से किसी भी अपराध की सूचना तुरंत ऑनलाइन या निकटतम थाने में दे एफआईआर की प्रति निशुल्क प्राप्त करे सरकारी वेबसाइटों से सही जानकारी ले।जांच में सहयोग करे डिजिटल बयान अब कानूनी रूप से मान्य है । महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर 
????112 आपातकालीन हेल्पलाइन
????1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन 
https.//bns.bnss.bsa.gov.in
बरसठी थाना देवानंद रजक ने नागरिकों से अपील की हैं कि वे नए कानूनों की जानकारी रखे और न्याय प्रकिया में सक्रिय सहयोग दे उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून देश में न्याय प्रणाली को अधिक सशक्त पारदर्शी और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाएंगे हर नागरिक का कर्तव्य  है कि  वह कानून  की जानकारी रखे जागरूक बने और न्याय में सहयोग करे।

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