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 27,25,000/की साइबर ठगी करने वाले सरगना सहित चार अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

03 July, 2026  |  07:24 PM
 27,25,000/की साइबर ठगी करने वाले सरगना सहित चार अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़

 

वाराणसी -- साइबर ठगी के शिकार तुलसीपुर महमूरगंज वाराणसी निवासी अजय कुमार श्रीवास्तव पुत्र स्व.विश्वनाथ श्रीवास्तव के साथ शेयर‌ बाजार में निवेश करने के नाम पर हुई 27,25,000/ की ठगी पर साइबर थाने में आठ अगस्त 2024 को दी गयी तहरीर को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशानुसार पुलिस उपायुक्त अपराध प्रमोद कुमार व अपर पुलिस उपायुक्त सरवणन टी.के निर्देशन में एवं सहायक पुलिस आयुक्त गौरव कुमार की निगरानी में तथा साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गयी।गठित पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त वेबसाइट, टेलीग्राम खातों मोबाइल नम्बरों व बैंक खातों के गहन विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व डिजिटल फुट प्रिंट के आधार पर सूरतगढ़, श्रीगंगानगर राजस्थान से साइबर ठगी गैंग के सरगना सहित चार अन्तर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मोबाइल,एटीएम, चेकबुक, सिमकार्ड तथा 30,000/नगदी बरामद किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के नाम क्रमशः प्रिंस खोड पुत्र हजारी राम निवासी ग्राम खोथावाली थाना गोलूवाला तहसील पीलीबंगा जनपद हनुमानगढ़ राजस्थान, दूसरे का आशीष उर्फ आशीष बिश्नोई पुत्र तुलसीराम निवासी ग्राम 5 पीएसडीए,वार्ड नंबर 03 नियर सरकारी स्कूल थाना रावला मंडी जनपद अनूपगढ़ राजस्थान, तीसरे का हरीश उर्फ हरीश बिश्नोई पुत्र बाबूराम निवासी वार्ड नंबर 3 चक7डीडब्ल्यूडी 2 केएलडी उदानगर गुलामाली वाला पोस्ट खाजूवाला थाना दंतौर जनपद बीकानेर राजस्थान, चौथे का नाम मनदीप सिंह पुत्र टेक सिंह निवासी वार्ड नंबर 04 नगर हेड के पास, थाना सूरतगढ़ सिटी सूरतगढ़ जनपद श्री गंगानगर राजस्थान बताया गया।इस साइबर ठगी टीम का सरगना आशीष विश्नोई बताया गया। चारों अभियुक्तों को बुधवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए डीसीपी क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि साइबर फ्रॉड टेलीग्राम के माध्यम से खाता प्रोवाइडर एजेंट कॉरपोरेट खाता चलाने वाला एजेंट व एकाउंट बेचने वाले खाताधारक को सर्च करता है फिर खाता धारक खाता प्रोवाइड एजेंट से खाता का पूरा किट व सिम मंगवा लेता है और खाताधारक या खाता प्रोवाइडर एजेंट के मोबाइल में ओटीपी फारवर्डर,वन डाटा किंग क्वाइन पुश बुलेट, टेलीग्राम एसएमएस एप्स इंस्टाल करा दिया जाता है, जो एसएमएस व कान्टैक्ट लिस्ट को रीड कर लेता है और ओटीपी सीधे खाता चलाने वाले के पास चला जाता है और खाता चलाने वाला पहिले से जुड़े विभिन्न खातों में पैसा ट्रांसफर कर देता है, और पैसा निकालने वाले एजेंट के माध्यम से पैसा निकलवा लिया जाता है।उक्त लोगों के द्वारा 02 से 08 पर्सेंट तक अपना कमीशन लेकर साइबर अपराध को अंजाम देते हैं। खाता चलाने वाला व्यक्ति दुबई , कनाडा, इण्डोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात आदि देशों में भी रहकर साइबर क्राइम को अंजाम देते हैं। पुलिस आयुक्त ने इस साइबर फ्राड का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 15,000/बतौर पुरस्कार देने की घोषणा किया। गिरफ्तार चारो अभियुक्तों के विरुद्ध भा0द0वि0 की धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, नि. राकेश कुमार गौतम, नि. राज किशोर पाण्डे, नि. अनीता सिंह, उ. नि. नीलम सिंह,उ.नि.संजीव कुमार कन्नौजिया,हे.का./क.आ.श्यामलाल गुप्ता,हे.का.प्रभात द्विवेदी, हे.का.राजेन्द्र पाण्डेय,का.पृथ्वी राज सिंह,चन्द्रशेखर यादव, देवेंद्र यादव, दिलीप कुमार,अनिल मौर्या, अवनीश सिंह, अंकित प्रजापति,विजय कुमार, पुनीता यादव,प्रीती सिंह आदि शामिल रहे।

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