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परम्परागत लोकगीतों ,लोककलाओं को सवारने के लिए गाँव को जीवंत बनाये रखने की जरूरत है : डॉ0 सुनील पटेल'विधायक'

03 July, 2026  |  06:49 PM
परम्परागत लोकगीतों ,लोककलाओं को सवारने के लिए गाँव को जीवंत बनाये रखने की जरूरत है : डॉ0 सुनील पटेल'विधायक'

संवाददाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़

 

वाराणसी। आदर्श गांव नागेपुर स्थित लोक समिति आश्रम में शुक्रवार को महिला कजली महोत्सव की धूम रही।लोक समिति व आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में ग्रामीण अंचल के विभिन्न गांवों की 32 महिला टीमो ने भागीदारी की।कजली की तान पर गंवई जन-मन झूम उठा।"कईसे खेलब जइबू सावन में कजरिया बदरिया घेरे आई ननदी"..."रिमझिम बरसे ला पनिया चला-चली धान रोपे धनिया"..."होये द विकास तनी आगे बारी धनिया रहके गढाई देब झुलनिया"...आदि गीतों के साथ-साथ नशा मुक्ति,देशभक्ति,मनरेगा,शिक्षा,महिला हिंसा,समाज में बराबरी का हक समेत अन्य मुद्दों पर गीतों से समां बांध आवाज बुलंद की।कजली महोत्सव में मेंहदीगंज गांव की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता बनी।दूसरे स्थान पर असवारी गांव व तीसरे स्थान पर जोगापुर गांव की टीम रही।आठ सदस्यीय निर्णायक दल भी बना रहा।मुख्य अतिथि रोहनिया विधायक डा.सुनील पटेल व विशिष्ट अतिथि लोक चेतना समिति की निदेशिका समाजसेवी रंजू सिंह ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में विलुप्त हो रही प्राचीन भारतीय संस्कृति व लोक परंपराओं को संरक्षित रखना बहुत जरूरी हैं।मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने विजेता टीम को शील्ड प्रदान किया।संचालन अनिता पटेल व आशा तथा धन्यवाद ज्ञापन लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने किया।अतिथियों का स्वागत सोनी ने की।इस अवसर पर यूबीआई के अनिल सिंह,रामधीरज भाई,प्रो.गीता रानी,वल्लभ पांडेय,मुकेश पटेल,श्यामसुंदर,रामबचन,पंचमुखी,ज्योति गुप्ता समेत अन्य महिलाएं उपस्थित रही।

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