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चारो भाईयो का मिथिला में मिलन परम् आनन्द का दृश्य।: राजन जी महाराज 

03 July, 2026  |  12:47 PM
चारो भाईयो का मिथिला में मिलन परम् आनन्द का दृश्य।: राजन जी महाराज 

संवादाता पूर्वांचल एक्सप्रेस न्यूज़ 

अतुल राय 

वाराणसी। चोलापुर क्षेत्र के महावीर मन्दिर के पास कथा के छठवे दिन कथा वाचक राजन जी महाराज ने प्रभु भोलेनाथ देवाधिदेव की पुनीत नगरी में अपने भक्तों को बताया कि महर्षि विश्वामित्र ने रामजी को धनुष तोड़ने के लिये कहा जिससे राजा जनक जी का भ्रम दूर हो सके।इधर शिवजी के धनुष के पिनाक के टूटने की ध्वनि जब परशुराम जी के कान में पहुची तुरन्त परशुराम जी मिथिला नगर में जनक जी पास पहुचे।वहा धनुष की स्थिति देखकर अत्यधिक कोधित हो गये।और जनक जी कहा कि मेरे द्वारा दिया गया शिव जी की धनुष कौन तोड़ा है।यह सुन प्रभु राम जी ने कहा कि धनुष तोड़ने वाले आप का कोई दास ही होगा यह बात सुन परशुराम और क्रोधित हो गये।इस पर लक्ष्मण जी और उनको चिढ़ाने का काम करने लगे।ऐसे कितने धनुष मैं बचपन मे तोड़ डाला हूं।अत्यधिक विवाद परशुराम व लक्षण में होता देख विश्वामित्र ने प्रभु राम जी से बाबा का संशय दूर करने को कहा।इधर परशुराम ने कहा कि अगर आप प्रभु के अवतार है तो मेरे धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा दे तब मैं समझ जाऊँगा की प्रभु के अवतार है।इस पर राम जी बाबा द्वारा दिया गया धनुष पर ज्यो प्रत्यंचा चढ़ाया तो तुरंत बाबा का क्रोध गायब हो गया।स्वयं बाबा प्रभु का दर्शन पा तुरन्त अपने धाम को चले गये।इधर विश्वामित्र जी जनक जी से कहते इसकी सूचना अयोध्या को दिया जाय।अयोध्या नरेश दशरथ जी अपने यहाँ से बारात ले आये।मिथिला का सेवक जब पत्र लेकर अयोध्या पहुचा इसकी जानकारी जब दशरथ जी को हुई।बहुत प्रसन्न हुये।गुरु वशिष्ठ जी से विवाह की तैयारी करने को कहा।बारात में और दोनों भाई जब पहुचे जब चारो भाईओ का मिलन हुआ तो वहाँ की धरती परम् आनन्द मय हो गयी।वहाँ की सखियों के मन का बिचार था इन चारों भाईओ का विवाह यही मिथिला नगर हो।यह बिचार प्रभु शिव जी समझ गये।उहोने मन ही मन सबके भावो को देखते हुये आशीवार्द दिया आप लोगो की भाव सभी पूरे होंगे।इधर विवाह में माता सीता में प्रभु राम जी को माला पहनाया व प्रभु राम जी माता सीता जी को माला पहनाया।प्रभु के विवाह पर देवता लोग स्वर्ग से फूलों की वर्षा कर रहे थे।और मिथिला की महिलाएं मंगल गीत गा रही थी।यह सभी बाते प्रभु भोलेनाथ जी ने माता पार्वती जी को बताये।आज के कथा सुनने वालों में श्रवण कुमार मिश्र,अर्चना मिश्र,प्रेम यादव प्रियंका यादव,अमरकंटक चौबे, प्रिंस चौबे आदि लोगो के साथ साथ हजारो भक्त गण उपस्थित हो आनन्दित व भाव विभोर हो गये।

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